"ओ महान मार्क्स के दर्शन की दर्शिका सुदर्शने, प्रियदर्शिनी, तुम स्वयं द्वन्द्वयुक्त भौतिकव...
तुलसीदास रचित 'रामचरित मानस' में 'रामराज्य' संबंधी वर्णन की पंक्तियाँ हैं : A. नहिं भय सोक...