📊औसत
Average
भारित औसत, क्रमागत संख्याएँ, आयु के सवाल — सब एक ही सूत्र पर टिके हैं।
समझें — Concept
औसत = सभी मानों का योग / मानों की संख्या। बस इतना ही। SSC में चाल यह है कि इस सरल सूत्र को अलग-अलग स्थितियों में तेज़ी से लगाना। क्रमागत संख्याओं का औसत: क्रमागत संख्याओं का औसत हमेशा बीच वाली संख्या होती है। a से शुरू होने वाली n क्रमागत संख्याओं का औसत = a + (n-1)/2। उदाहरण: 3,4,5,6,7 का औसत = 5 (बीच वाली संख्या)। आयु वाले सवालों में: सबसे ज़रूरी बात यह है कि जब समय बीतता है, तो सबकी उम्र बराबर बढ़ती है। अगर किसी समूह की औसत आयु 2 साल बढ़ जाती है, तो इसका मतलब 2 साल बीत गए हैं (कोई नया सदस्य नहीं जुड़ा)। भारित औसत: जब दो अलग-अलग औसत वाले समूह मिलते हैं, तो कुल औसत = (n₁×A₁ + n₂×A₂) / (n₁ + n₂)। मिला-जुला औसत हमेशा A₁ और A₂ के बीच होता है, और ज़्यादा सदस्यों वाले समूह के क़रीब होता है।
सूत्र / नियम — Formula / Rule
औसत = योग / संख्या योग = औसत × संख्या पहली n प्राकृतिक संख्याओं का औसत = (n+1)/2 पहली n सम संख्याओं का औसत = (n+1) पहली n विषम संख्याओं का औसत = n a से b तक क्रमागत संख्याओं का औसत = (a+b)/2 जब कोई सदस्य बदला जाए: योग में बदलाव = (नया सदस्य - पुराना सदस्य) नया औसत = पुराना औसत ± (योग में बदलाव / कुल संख्या) जब n लोगों के समूह में नया सदस्य जुड़े: नए सदस्य का मान = नया औसत × (n+1) - पुराना औसत × n
सबसे बड़ी गलतियाँ — Common Mistakes
नया सदस्य जुड़ने पर कुल संख्या (n+1) की जगह n रखना भूल जाना
आयु के सवालों में समय बीतने का ध्यान न रखना: अगर 5 साल पहले 5 लोगों की औसत आयु 30 थी, तो अब 35 होगी (30 नहीं)
यह मानना कि 'पहली n सम संख्याओं का औसत' 0 से शुरू होता है — यह 2 से शुरू होता है (2,4,6,...2n)
जब समूहों का आकार अलग हो तो भारित औसत की जगह साधारण औसत लगाना
हल किए गए उदाहरण — Worked Examples
30 छात्रों की औसत आयु 15 वर्ष है। अगर शिक्षक की आयु भी शामिल कर ली जाए तो औसत 1 वर्ष बढ़ जाता है। शिक्षक की आयु ज्ञात करें।
11 संख्याओं का औसत 36 है। पहली 6 संख्याओं का औसत 32 है और आख़िरी 6 संख्याओं का औसत 37 है। 6वीं संख्या ज्ञात करें।
8 व्यक्तियों का औसत भार 2.5 kg बढ़ जाता है जब 56 kg वाले व्यक्ति की जगह नया व्यक्ति आता है। नए व्यक्ति का भार ज्ञात करें।
टिप्स — Tips
बदलाव वाले सवालों में: नया मान = पुराना मान + (औसत में बदलाव × कुल संख्या)
समांतर श्रेणी (AP) का औसत = पहले और आख़िरी पद का औसत
अगर किसी के जुड़ने से औसत x बढ़ता है, तो नए व्यक्ति ने हर सदस्य के हिस्से में x अतिरिक्त योगदान दिया