"भीतर कदम तो रख दिया, पर सहसा सहम गई, जैसे वह किसी अंधेरे कुएँ में अपने-आप कूद पड़ी हो, ऐस...
"हिया जरत रहत दिन-रैन। आम की डरिया कोयल बोले तनिक न आवत चैन।" यह गीत 'गोदान' में कौन सा पा...